मिरगी का अचूक इलाज

मिरगी का अचूक इलाज

मिरगी एक का साध्य और ऐसा भयंकर रोग है कि इसका दौरा कब पड़ जाए इसका कोई निश्चय नहीं होता। इसका दौरा पड़ते ही रोगी अपनी सुधबुध खो देता है और कटे वृक्ष की तरह धड़ाम से गिर पड़ता है। साथ में कोई न हो तो रोगी के प्राण संकट में पड़ सकते हैं। यदि अकेला रोगी, दौरा पड़ते समय, जलाशय या आग के पास हो तो उसकी जान जा सकती है। यह बीमारी क्यों होती है और इसके क्या क्या लक्षण होते हैं | मैं यहां अपने चिकित्सालय में, जिस नुस्खे से मिरगी के कई रोगियों को सदा के लिए रोग मुक्त कर चुका हूँ, जनहित में, मिरगी के रोगियों को इस दुष्ट रोग से हमेशा के लिए मुक्त करने वाला यह नुस्खा सेवा और परोपकार की भावना से लिख कर भेज रहा हूँ क्योंकि मैं चिकित्सा कार्य भी सेवा भावना से निःशुल्क ही करता हूँ।

नुस्खा-

25 ग्राम जूट को जला कर भस्म बना लें और कपड़े से छान कर तीन-तीन ग्राम की पांच पुड़ियां बना लें। प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक पुड़िया शहद में मिला कर रोगी को चाट लेना चाहिए। पांच दिन में पांच पुड़ियों का सेवन करने से मिरगी रोग सदा के लीए चला जाता है। इतना ध्यान रहे के जूट शुद्ध और अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए। जूट को पटसन भी कहते हैं और बोरे (थैले) इसी जूट से बनाये जाते हैं।

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2 Comments

  1. Manoj Kumar Singh

    Good magazine for health is wealth, please provide me the details of conceive pregnancy.

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  2. Vinod kumar

    Sir ji jut Ka beej le ya jut ki rassi
    Kisko jalakar bhasm banaye
    Please batao sir ji
    Mirgi me ye aser karega ya nahi Sahi bat bataye
    Mera Mobil no . 9716055162
    please sir help me

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